कोरी चुनरिया आत्मा मोरी मैल है माया जाल वोह दुनिया मोरे बाबुल का घर, ये दुनिया ससुराल हाँ जाके, बाबुल से, नज़रे मिलाऊ कैसे, घर जाऊ कैसे लागा, चुनरी में दाग...
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