Sunday, August 08, 2010

दुआ

लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी
ज़िंदगी शम्मा की सूरत हो खुदाया मेरी
हो मेरे दम से यूं ही मेरे वतन की ज़ीनत
जिस तरह फूल से होती है चमन की ज़ीनत
ज़िंदगी हो मेरी परवाने की सूरत या रब
इल्म की शम्मा से हो मुझको मोहब्बत या रब
हो मेरा काम गरीबों की हिमायत करना
दर्द-मंदों से जईफोन से मोहब्बत करना
मेरे अल्लाह बुराई से बचाना मुझको
नेक जो राह हो उस रह पे चलाना मुझको

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