Monday, February 22, 2010

പലവട്ടം പൂക്കാലം വഴി തെറ്റിപ്പോയി......

Wednesday, February 17, 2010

झूठ

उन निगाहों में मुहब्बत नहीं
तो कहो और क्या है
पर वह मुझसे यह कह रहा
वह किसी और का है
ज़रा सा झूठ भी ढंग से कहा नहीं जाता....

Tuesday, February 16, 2010

तन्हा

तन्हा न अपने आप को अब पाईये जनाब
मेरी ग़ज़ल को साथ लिए जाईये जनाब

Sunday, February 14, 2010

हद

दिल दिया एतबार की हद थी
जान दी यह मेरे प्यार की हद थी
मर गया मैं खुली रही आँखें
यह तेरे इंतज़ार की हद थी

Thursday, February 11, 2010

खामोशी

कुच्छ दिल ने कहा......
कुच्छ भी नहीं....
कुच्छ दिल ने सूना.....
कुच्छ भी नहीं....
ऐसे भी बातें होती है
ऐसे भी बातें होती है