पहले पहल जब तेरे लभों पर आया मेरा नाम
हरदम हरपल याद रहेगी वह साहिल की शाम
Monday, February 04, 2008
मायूसी
आज तो दिल की बात कह दी है
तुम सुनो न सुनो, तुम्हारी ख़ुशी
अपनी मायूस हसरतें लेकर
हम चले आये हैं, सनम की गली
तुम सुनो न सुनो, तुम्हारी ख़ुशी
अपनी मायूस हसरतें लेकर
हम चले आये हैं, सनम की गली
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