Tuesday, September 25, 2007

മരണം

തൽക്കാല ദുനിയാവ് കണ്ടു നീ മയങ്ങാതെ
എപ്പോഴും മരണം നിൻ കൂടെയുണ്ട് മറക്കാതെ.....

!!

उन्हें ख़त लिखा के, दिल मुज्तरिब है
जवाब उनका आया, मुहब्बत न करदे !

Monday, September 24, 2007

हसने की चाह ने कितना मुझे रुलाया हैं
कोई हमदर्द नहीं, दर्द मेरा साया हैं